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पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुई गैंगवार की साजिश, शार्प शूटर जितेंद्र चौधरी घायल, दो बदमाश गिरफ्तार

रुद्रपुर।”अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के विजन को धरातल पर उतारते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर अजय गणपति द्वारा जनपद में गैंगवार, फायरिंग, रंगदारी एवं संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी अजय गणपति द्वारा स्पष्ट किया गया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस के मुताबिक 21 जून को डिबडिबा, बिलासपुर, जनपद रामपुर के सक्रिय गैंग के शार्प शूटर जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी द्वारा अपने प्रतिद्वन्द्वी की हत्या करने की नीयत से रुद्रपुर स्थित गाबा चौक पर बीच सड़क पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। भरे बाजार में हुई उक्त दुस्साहसिक घटना से आमजन में भय एवं दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया था।
घटना के संबंध में कोतवाली रुद्रपुर में मुकदमा धारा 109, 352 एवं 351(2) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। अभियुक्त ने 30 जून को अपने अन्य साथियों के साथ थाना पुलभट्टा क्षेत्र में पुनः अपने प्रतिद्वन्द्वी के वाहन को घेरकर कई राउंड फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें राह चलती एक महिला सहित अन्य राहगीर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पुलिस के मुताबिक 21 जून को डिबडिबा, बिलासपुर, जनपद रामपुर के सक्रिय गैंग के शार्प शूटर जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी द्वारा अपने प्रतिद्वन्द्वी की हत्या करने की नीयत से रुद्रपुर स्थित गाबा चौक पर बीच सड़क पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। भरे बाजार में हुई उक्त दुस्साहसिक घटना से आमजन में भय एवं दहशत का माहौल उत्पन्न हो गया था।
घटना के संबंध में कोतवाली रुद्रपुर में मुकदमा धारा 109, 352 एवं 351(2) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। अभियुक्त ने 30 जून को अपने अन्य साथियों के साथ थाना पुलभट्टा क्षेत्र में पुनः अपने प्रतिद्वन्द्वी के वाहन को घेरकर कई राउंड फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें राह चलती एक महिला सहित अन्य राहगीर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस संबंध में थाना पुलभट्टा पर मुकदमा धारा 109(1), 190, 191(3) एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। संगीन अपराधों को अंजाम दे रहे उक्त गैंग के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर श्री अजय गणपति के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रपुर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश, निगरानी एवं पतारसी-सुरागरसी की कार्रवाई की जा रही थी, जिससे गैंग के सदस्य अपने-अपने घरों को छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस टीम को विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई कि वांछित शार्प शूटर जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी अपने अन्य साथियों के साथ बिना नम्बर प्लेट की सफेद रंग की रेनॉल्ट क्विड कार में सवार होकर डिबडिबा क्षेत्र में अपने प्रतिद्वन्द्वी पर जानलेवा हमला करने की नीयत से जा रहा है तथा सभी अभियुक्त अवैध हथियारों से लैस हैं।
सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम द्वारा जाफरपुर कट क्षेत्र में प्रभावी घेराबंदी एवं नाकाबंदी की गई।
कुछ समय पश्चात संदिग्ध वाहन दिखाई देने पर पुलिस टीम द्वारा वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, किन्तु वाहन सवार अभियुक्त वाहन को तेज गति से भगाकर फरार होने लगे।
पुलिस टीम द्वारा पीछा किए जाने के दौरान उक्त वाहन यूनिटी लॉ कॉलेज के समीप कच्चे मार्ग पर मुड़ गया तथा अनियंत्रित होकर तारबाड़ से टकराकर रुक गया। वाहन रुकते ही उसमें सवार अभियुक्त खेतों एवं बाग की ओर भाग गए तथा पेड़ों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से तबातोड़ फायरिंग शरू कर दी।
पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तों को बार-बार आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई, किन्तु अभियुक्त लगातार पुलिस टीम पर फायरिंग करते रहे। पुलिस बल एवं स्वयं के जीवन पर उत्पन्न तत्कालिक खतरे को देखते हुए तथा आत्मरक्षा एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु न्यूनतम बल प्रयोग के सिद्धांत का पालन करते हुए पुलिस टीम द्वारा जवाबी कार्रवाई की गई।
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों द्वारा पुलिस टीम पर लगभग आधा दर्जन राउंड फायरिंग की गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य शार्प शूटर जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी के पैर में गोली लगी।
मुठभेड़ के उपरांत पुलिस टीम द्वारा घायल अभियुक्त सहित दो अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक अन्य अभियुक्त निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा लगातार दबिश एवं कांबिंग की कार्रवाई की जा रही है। घायल अभियुक्त को तत्काल उपचार हेतु जिला चिकित्सालय रुद्रपुर में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
उसके पास से 03 अदद तमंचे 315 बोर, 08 जिन्दा कारतूस 315 बोर, 02 खोखा कारतूस 315 बोर, 01 सफेद रंग की बिना नम्बर प्लेट रेनॉल्ट क्विड कार।
03 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
गिरफ्तार अभियुक्तों में जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी पुत्र स्व० रामचंद्र चौधरी निवासी फेस-1, जोहल पैराडाइज, सुभाष नगर, डिबडिबा, थाना बिलासपुर, जनपद रामपुर (उ०प्र०), उम्र 28 वर्ष। (घायल), सुमित राठौर पुत्र स्व० जसवंत निवासी फुलसुगां, थाना ट्रांजिट कैम्प, जनपद ऊधम सिंह नगर, उम्र 21 वर्ष, चंदन लाल पुत्र झब्बू लाल निवासी सुभाष कॉलोनी, डिबडिबा, थाना बिलासपुर, जनपद रामपुर (उ०प्र०), उम्र 32 वर्ष, गिरफ्तार किए गए। निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली निवासी चंदेन फार्म, थाना बिलासपुर, जनपद रामपुर फरार है। जितेन्द्र चौधरी के खिलाफ एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर अजय गणपति ने कहा कि जनपद में अपराधियों, गैंगस्टरों एवं कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है। पुलिस पर हमला करने वाले, गैंगवार को बढ़ावा देने वाले तथा आमजन की सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस टीम में निरीक्षक प्रकाश दानू, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रपुर, वरिष्ठ उप निरीक्षक श्री खुशवंत सिंह, कोतवाली रुद्रपुर, उप निरीक्षक प्रदीप कुमार, चौकी प्रभारी बाजार।उप निरीक्षक प्रदीप पंत, चौकी प्रभारी आदर्श कॉलोनी, .उप निरीक्षक पंकज कुमार, चौकी प्रभारी रम्पुरा, सहायक उप निरीक्षक अमित कुमार, कोतवाली रुद्रपुर, कांस्टेबल भूपेन्द्र आर्या, एसओजी टीम, मुख्य आरक्षी राजकुमार, आरक्षी विजय दरमाल, आरक्षी हरीश मेहरा एवं आरक्षी महेश पंचपाल शामिल थे







