Connect with us

Uncategorized

हल्द्वानी -मार्च में नदियां लगी सूखने,पेयजल संकट की आहत

मीनाक्षी

हल्द्वानी। लंबे समय से बारिश नहीं होने पर जीवनदायिनी नदियां सूखने लगी हैं। लगातार कम हो रहे जलस्तर से नदी में पानी की स्थिति मार्च में ही जून जैसी बन गई है। सोमवार को गौला में 124, कोसी में 129 और नंधौर नदी में 56 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। जबकि इसके पूर्व मई और जून की भीषण गर्मी में नदी का जलस्तर इतना दर्ज किया जाता रहा है। ऐसे में मार्च में ही आने वाले पेयजल संकट की आहट सुनाई दे रही है। हल्द्वानी के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में साल भर पेयजल का संकट बना रहता है। गर्मियों के दौरान हालात सबसे ज्यादा खराब बने रहते हैं।ऐसे में गौला से मिलने वाले पानी से लोगों को राहत मिलती है। वहीं, इस बार मार्च में ही गर्मियों जैसे हालात बनने लगे हैं। बारिश नहीं होने से नदी का जलस्तर 124 क्यूसेक पहुंच गया है। इसके बाद भी हर दिन गिरावट दर्ज की जा रही है। जल्द जरूरत के अनुसार बारिश न होने पर फिल्टर प्लांट को मिलने वाले पानी में भी कमी होने की आशंका बनी है। ऐसे ही हालात रामनगर में कोसी और चोरगलिया क्षेत्र में बहने वाली नंधौर नदी के भी बने हैं। जिससे इस बार मार्च में ही पेयजल का संकट शुरू हो गया है। गौला में एक सप्ताह में कम हुआ दस क्यूसेक पानीलगातार बढ़ रही गर्मी से हर दिन नदियों का पानी कम हो रहा है। हल्द्वानी की लाइफलाइन गौला नदी में 2 मार्च को जहां 134 क्यूसेक पानी दर्ज किया था, वहीं सोमवार को यह घटकर 124 क्यूसेक पहुंच गया है। ऐसे में एक सप्ताह में ही दस क्यूसेक पानी कम हो गया है। दर्ज होने लगी पेयजल संकट की शिकायतेंबारिश की कमी से लगातार पेयजल संकट बढ़ रहा है, जिससे जल संस्थान में पेयजल संकट से जुड़ी शिकायतों की संख्या बढ़ने लगी है। हल्द्वानी डिवीजन के कार्यालयों में एक माह पहले जहां दो से तीन शिकायतें एक दिन में दर्ज हो रही थीं। वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर दस पहुंच गई है। जल स्रोत भी सूखने लगेहल्द्वानी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गौला नदी से पानी नहीं पहुंचने पर जल स्रोतों के भरोसे आपूर्ति की जाती है। गर्मी के असर से शीतलाहाट के साथ ही अन्य जलस्रोतों का पानी भी कम हो गया है। जिससे प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर से मिलने वाले पानी पर निर्भरता बढ़ रही है। कोटबारिश की कमी से नदियों का जलस्तर प्रभावित हो रहा है। गर्मी बढ़ने से लगातार जलस्तर कम हो रहा है।- दिनेश रावत, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभागगर्मी के कारण जलस्रोत प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है।- रविशंकर लोशाली, अधिशासी अभियंता,जल संस्थान

More in Uncategorized

Trending News