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15 वर्ष पुरानी पंचमुखी गौशाला को स्थानांतरित किये जाने की प्रशासनिक प्रक्रिया से भड़के गौ सेवक, रैली निकालकर जताया आक्रोश।

रिपोर्ट- विनोद पाल
टनकपुर – बुधवार को पंचमुखी गौशाला के गौसेवकों नें गौशाला से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय तक गोवंशियों के सम्मान में नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली। इस दौरान गौ सेवकों में भारी रोष व्याप्त नजर आया। कई वर्षों से पंचमुखी गौशाला को स्थाई गौशाला घोषित किए जाने और अन्य स्थान पर स्थानांतरित न किए जाने की मांग को पूरा नहीं किये जाने पर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्राणी पर प्रश्न चिन्ह खड़े की है।

सरकारी भूमि में संचालित 15 वर्ष पुरानी पंचमुखी गौशाला के बीमार और स्वस्थ हो चुके गोवंशियों को नायकगोठ में बन रही सरकारी गौशाला में स्थानांतरित किये जाने और गौशाला को ध्वस्त कर विकास भवन बनाये जाने की प्रशासनिक प्रक्रियाओ से गौसेवकों में भारी रोष व्याप्त है। गौसेवकों नें पंचमुखी गौशाला से लेकर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय तक रैली निकाली जहाँ गौसेवकों नें जमकर हंगामा किया। आक्रोषित गौसेवकों नें मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन सौपा। आगामी 26 फरवरी को जिलाधिकारी के साथ मुलाकात कर गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए वार्ता किए जाने के आश्वासन के बाद गोसैवक शांत हुए। गौ सेवकों ने तीन सूत्रीय मांग उठाई जिसमे पंचमुखी गौशाला टनकपुर को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त अथवा स्थानांतरित करने की सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को निरस्त किया जाए।
पंचमुखी गौशाला को स्थाई गौशाला घोषित कर यथास्थान संरक्षित किया जाए। गौ सेवकों को बिना किसी हस्तक्षेप के पूर्ववत सेवा करने दिया जाये।

मुख्य गौ सेवक हेमंत बिष्ट नें बताया पिछले चार वर्षों से पंचमुखी गौशाला को स्थाई गौशाला घोषित करने और गौशाला को कहीं और स्थानांतरित न किए जाने की मांग के चलते गौ सेवक ज्ञापन देते आ रहे हैं लेकिन अभी तक हमारी मांगो पर संज्ञान नहीं लिया गया। वहीं सुचना हैं की पंचमुखी गौशाला जहां घायल बीमार गोवंशियों और अन्य पशुओं का उपचार किया जाता है, उस गौशाला को मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत नायकगोठ में बन रही सरकारी गौशाला में स्थानांतरित किए जाने के साथ गौशाला को ध्वस्त किए जाने की प्रशासनिक तैयारीयां की जा रही है जिससे गौ सेवकों की भावनाओं को ठेस पहुंचने पर गौ सेवक भड़क उठे हैं। सभी गौ सेवकों की मांग है कि पंचमुखी गौशाला को किसी अन्य गौशाला में स्थानांतरित ना किया जाए और पंचमुखी गौशाला को स्थाई गौशाला घोषित किया जाए।

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भाजपा वरिष्ठ नेता दीपचंद्र पाठक नें मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्राणी पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए बताया कई वर्षों से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर पंचमुखी गौशाला के गौ सेवक गौशाला को स्थाई गौशाला घोषित किए जाने और कहीं अन्य जगह स्थानांतरित न किए जाने की मांग उठा रहे हैं। जिसपर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। विकास भवन बनाये जाने के नाम पर सरकारी भूमि पर संचालित पंचमुखी गौशाला को हटाए जाने के साथ स्थानांतरित किए जाने की प्रशासनिक प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। सामाजिक गौशाला में निस्वार्थ सेवा कर रहे गौ सेवकों की भावनाओ को ठेस न पहुंचे। वही विकास भवन बनाये जाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा की पंचमुखी गौशाला पशु चिकित्सालय के सामने और मां पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में है, ऐसे यहां विकास भवन बनाए जाने से भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न होगी, उन्होंने कहा की विकास भवन का सभी गौ सेवक स्वागत करते हैं लेकिन विकास भवन को किसी अन्य सरकारी भूमि पर बनाया जाए। अगर गौ सेवकों की मांग पूरी नहीं होती है तो पंचमुखी गौशाला को बचाने के लिए बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जायेगा।

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