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इतिहास रचने वाली है ‘संसद’, क्या है PM Modi का नारी शक्ति वंदन अधिनियम?

संसद के विशेष सत्र में मोदी सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संशोधन विधेयक लाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने का प्लान कर रही है। इसके तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण दिया जाएगा। इसी महिला आरक्षण बिल पर PM मोदी ने समर्थन मांगा है।

पीएम मोदी का नारी शक्ति वंदन अधिनियम PM Modi on women reservation bill
दरअसल सरकार ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाया है। इससे पहले वो दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पहुंचे। जहां उन्होंने नारी शक्ति की सराहना की।

पीएम मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा, “देश की विकास यात्रा के इन अहम पड़ावों के बीच भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक निर्णय लेने जा रहा है। मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि 21वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक महत्वपूर्ण निर्णय ये है। ये निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है। नारी शक्ति वंदन को समर्पित है।”

देश की संसद इतिहास रचने वाली है
उन्होंने आगे कहा, “हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। एक ऐसा नया इतिहास, जो अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा, जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतामूलक हो, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा न हो, बल्कि हमारी कार्य संस्कृति का, हमारी निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हो।”

मोदी सरकार 16-18 अप्रैल तक नारी शक्ति वंदन अधिनियम करेगी लागू!
पीएम मोदी ने आगे कहा, “राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय 16, 17 और 18 अप्रैल है। 2023 में नई संसद में हमने नारीशक्ति वंदन अधिनियम के रूप प्रथम कदम उठाया था। वो समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे, इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है और उससे पहले आज नारीशक्ति वंदन का ये कार्यक्रम, इसके जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है।”

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हर हाल में 2029 तक होना चाहिए लागू
पीएम ने याद दिलाया कि साल 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम आया था। उस समय भी दलों ने सर्वसम्मति से इसे पास कराया था। जिसके बाद इसे हर हाल में 2029 तक लागू करने की मांग भी उठी थी। सभी विपक्ष के लोगों ने इस बात पर जोर डाला था।

राष्ट्रपति तक का पद संभाल रहीं महिलाएं
पीएम मोदी ने कहा, “इस समय भी हमारे देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री जैसे अहम पद महिलाएं ही संभाल रही हैं। उन्होंने देश की गरिमा और गौरव, दोनों को बढ़ाया है। हमारे देश में महिला नेतृत्व का एक बेहतरीन उदाहरण पंचायती राज संस्थाएं भी हैं। आज भारत में 14 लाख से अधिक महिलाएं लोकल गवर्नमेंट बॉडीज में सफलतापूर्वक काम कर रही हैं।

लगभग 21 राज्यों में तो पंचायतों में उनकी भागीदारी करीब-करीब 50% तक पहुंच चुकी है। लाखों महिलाओं की राजनीति और सामाजिक जीवन में ये सक्रियता, दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं और राजनीति के विशेषज्ञों के लिए भी बहुत ही हैरान करने वाली बात होती है। इससे भारत का गौरव बहुत बढ़ता है।”

देश की 32 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के खुले बैंक
पीएम मोदी ने आगे कहा, “अनेक अध्ययनों में ये सामने आया है कि जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ी, तो इससे व्यवस्थाओं में भी संवेदनशीलता आई है। 2014 में हमारे देश में करोड़ों महिलाएं ऐसी थी, जिन्होंने कभी बैंक का दरवाजा भी नहीं देखा था। महिलाएं बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी ही नहीं थी, तो उन्हें बैंकिंग का लाभ कैसे मिलता। हमने जनधन योजना शुरू की, तो देश की 32 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के बैंक खाते खुले।

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आज हमारी बेटियां नए-नए बिजनेस में अपनी पहचान बना रही हैं। मुद्रा योजना में 60% से ज्यादा लोन महिलाओं ने लिए हैं। देश के startup revolution को भी महिलाएं lead कर रही हैं। आज 42% से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है।

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