उत्तराखण्ड
भूमिगत पानी के टैंक में दम घुटने से मां और दो बेटों की मौत
निर्माणाधीन टैंक की शटरिंग खोलने के दौरान हुआ हादसा, जहरीली गैस बनने की आशंका, फोरेंसिक जांच के बाद होगा खुलासा
पर्वत प्रेरणा ब्यूरो
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी, गौलापार क्षेत्र के मानपुर गांव में मंगलवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया,निर्माणाधीन भूमिगत पानी के टैंक में दम घुटने से एक ही परिवार के तीन लोगों मां और उनके दो बेटों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, मानपुर निवासी धर्मेंद्र बिष्ट (44) अपने खेत में बने निर्माणाधीन भूमिगत पानी के टैंक की शटरिंग खोलने के लिए शाम करीब 6:00 बजे सीढ़ी के सहारे टैंक में उतरे थे। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर उनके छोटे भाई खुशाल सिंह बिष्ट (38) उन्हें देखने के लिए टैंक में गए, लेकिन वह भी अचेत होकर गिर पड़े।
दोनों बेटों की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर उनकी मां सरस्वती देवी (65) भी टैंक में उतर गईं और वह भी बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहां से गुजर रहे सब्जी विक्रेता भोजराज ने साहस दिखाते हुए टैंक में उतरने का प्रयास किया, लेकिन उसे भी बेहोशी महसूस होने लगी। इसके बाद ग्रामीणों ने टैंक का एक हिस्सा तोड़कर किसी तरह सभी को बाहर निकाला और तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, टैंक लगभग 10 फीट लंबा, 10 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा है। टैंक के पास गोबर गैस प्लांट भी बना हुआ है, जिससे गैस रिसाव की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।
सुशीला तिवारी अस्पताल के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि बंद टैंकों में अक्सर मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं, जिनके कारण दम घुटने की घटनाएं हो सकती हैं। वहीं एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। चोरगलिया पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और आज फोरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाएगी।
हादसे ने परिवार की खुशियां भी छीन लीं। मृतक खुशाल सिंह की शादी करीब तीन वर्ष पहले हुई थी। उनका एक बेटा है और उनकी पत्नी गर्भवती हैं। वहीं धर्मेंद्र अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।







