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उत्तराखण्ड

पूर्णागिरि धाम में मोबाइल टावर लगाने काे भारत सरकार की सैद्धांतिक सहमति

टनकपुर। प्रसिद्ध पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में मोबाइल व इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या से जल्द ही निजात मिल जाएगी। आरक्षित वन क्षेत्र होने से मोबाइल टावर लगाने में अड़चन आ रही थी। भारत सरकार ने आरक्षित वन क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे मोबाइल टावर लगाने का रास्ता साफ हो गया है।
पूर्णागिरि धाम में देशभर से पर्यटक पहुंचते हैं। विशेष रूप से मार्च से जून के बीच लाखों श्रद्धालु मां पूर्णागरि धाम के दर्शकों को आते हैं। मोबाइल कनेक्टिविटी बेहतर नहीं होने की वजह से यहां आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा स्थानीय लोगों को संवाद स्थापित करने में परेशानी होती है।

आपात स्थिति में यह बड़ी मुसीबत बन जाती है। स्थानीय लोगों व मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मार्च में पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्णागिरि धाम में संचार सेवा बेहतर बनाने की बात कही थी। जिस क्रम में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने पूर्णागिरि कक्ष संख्या-2 व उपराकोट कक्ष संख्या-7 दोनों स्थानों में मोबाइल टावर लगाने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा था
इस सम्बंध में प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल ने बताया कि भारत सरकार ने मोबाइल टावर लगाने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

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