उत्तराखण्ड
धान की रोपाई से गुलजार हुए पहाड़, हरियाली से निखरी सीढ़ीनुमा खेतों की सुंदरता
पर्वत प्रेरणा ब्यूरो
हल्द्वानी। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में इन दिनों धान की रोपाई का कार्य पूरे जोर-शोर से चल रहा है। मानसून की अच्छी बारिश के बीच सीढ़ीनुमा खेत पानी से लबालब हैं और दूर-दूर तक फैली हरियाली पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा रही है।
कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के अधिकांश गांवों में किसान परिवार सुबह से शाम तक धान की रोपाई में जुटे हैं। खेतों में महिलाएं और पुरुष पारंपरिक तरीके से रोपाई करते नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर रोपाई के दौरान लोकगीतों की मधुर स्वर लहरियां भी सुनाई दे रही हैं, जिससे ग्रामीण परिवेश और अधिक जीवंत हो उठा है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर हुई बारिश धान की फसल के लिए लाभदायक है। यदि मौसम अनुकूल बना रहा तो इस वर्ष उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है। वहीं किसान भी अच्छी पैदावार की उम्मीद के साथ खेतों में मेहनत कर रहे हैं।
धान की रोपाई के इस मौसम में उत्तराखंड के सीढ़ीनुमा खेत मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। पानी से भरे खेतों में झलकती पहाड़ों की छवि, चारों ओर फैली हरियाली और बादलों से घिरी पर्वत श्रृंखलाएं न केवल ग्रामीण जीवन की जीवंत तस्वीर पेश कर रही हैं, बल्कि पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि धान की रोपाई केवल खेती का कार्य नहीं, बल्कि पहाड़ की संस्कृति, परंपरा और सामूहिक सहयोग का भी प्रतीक है। यही कारण है कि रोपाई का मौसम गांवों में उत्साह और उमंग का वातावरण लेकर आता है।









