उत्तराखण्ड
मानदेय बढ़ाने समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कर्मचारियों का प्रदर्शन
देहरादून में रैली निकालकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
पर्वत प्रेरणा ब्यूरो
देहरादून। अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ ने भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आज देहरादून में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों ने रैली निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत आशा कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें आज भी सम्मानजनक मानदेय और सामाजिक सुरक्षा से वंचित रखा गया है। कई बार मांगें उठाने के बावजूद सरकार की ओर से केवल आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने आशा कर्मचारियों को 18 हजार रुपये तथा आशा फैसिलिटेटरों को 36 हजार रुपये मासिक वेतन देने, वर्ष में दो बार गर्मी एवं सर्दी की वर्दी उपलब्ध कराने, योग्यता के आधार पर पदोन्नति, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और अन्य लाभ, टीकाकरण कार्य का प्रोत्साहन मानदेय 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने, अनुभवी आशाओं को टीकाकरण का प्रशिक्षण देने, राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान करने तथा कार्य के दौरान दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
प्रदर्शन में महासंघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेनू नेगी, प्रदेश महामंत्री ललतेश विश्वकर्मा, जिला अध्यक्ष लक्ष्मी शर्मा, कार्यकारिणी अध्यक्ष कुसुम चौहान, कोषाध्यक्ष अमिता चौहान, लक्ष्मी कुकरेती, आनंदी गोदियाल, अनिता पवार, अनिता भट्ट, अरिंदर कौर, जिला मंत्री संगीता रानी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं। भारतीय मजदूर संघ की ओर से अर्चना बिष्ट, अवनीश कांत, गंगा गुप्ता, सरस्वती रावत, आशा सेमवाल, सबिता मनवाल सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
भारतीय मजदूर संघ के प्रताप सिंह नेगी ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि भारी बारिश के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं का उत्साह और संघर्ष उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि “उत्तराखंड की नारी सब पर भारी, उत्तराखंड की नारी आग की चिंगारी है।”










