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कुमाऊँ

सात किमी पैदल चल दुर्गम गांव में पहुंची IAS वंदना

अल्मोड़ा की डीएम वंदना ने अति दुर्गम गांव दो घोड़ियां का दौरा किया है। इसके लिए उन्हे सात किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ी। डीएम वंदना के दौरे से गांव के लोगों की उम्मीदें अब परवान पर हैं।
दरअसल अल्मोड़ा का लमगड़ा ब्लाक का दो घोड़िया गांव बेहद दुर्गम इलाके में हैं। यहां पहुंचना सभी के बस की बात नहीं है। अधिकारी और सरकारी कर्मचारी भी इस गांव में जाने से बचते रहें हैं। यही वजह है कि इस गांव में आजतक सड़क नहीं पहुंची है।

लेकिन अगर अधिकारी जनता को मदद करने की ठान लें तो क्या नहीं किया जा सकता है। अल्मोड़ा की डीएम वंदना ने भी ऐसा ही कुछ किया है। डीएम साहिबा ने अलग अलग विभागों के अधिकारियों को लिया और सात किमी की पैदल यात्रा करके वो गांव पहुंच गईं।गांव पहुंचने के बाद उन्हें वहां के हालातों के बारे में पता चला। डीएम को लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 2015 से गांव में सड़क पहुंचाने की बात चल रही है लेकिन फॉरेस्ट क्लीयरेंस न मिलने से मामला अटका पड़ा है। इस पर डीएम ने इस मामले को खुद ही सुलझाने का आश्वासन दिया है।डीएम वंदना ने गांव की पेयजल लाइनों में होने वाली लीकेज को एक हफ्ते में ठीक करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नई पेयजल लाइन के टेंडर कराने के निर्देश भी दिए हैं।

बनेगी दीवार, बचेगी खेती, यही नहीं डीएम ने जंगली जानवरों से खेती के बचाव के लिए दीवार बनाने और सिंचाई के लिए छोटी झील बनाने के निर्देश भी दिए हैं।इसके साथ ही गांव में झूलते बिजली के तारों को ठीक करने के निर्देश भी बिजली विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।डीएम के दौरे की हर तरफ चर्चा हो रही है। दो घोड़िया जैसे दुर्गम गांव में पहुंचने वाली पहली बड़ी अधिकारी हैं। आम तौर पर अधिकारी कार से उतरकर इतनी लंबी दूरी तय कर लोगों के हालात समझने नहीं जाते हैं। फिलहाल दो घोड़ियां गांव के लोगों को उम्मीद है कि अब उनके गांव के हालात में सुधार होगा और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

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