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उत्तराखण्ड

नैनीताल के शिक्षक अब बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे बल्कि संभालेंगे ट्रैफिक व्यवस्था, जानिए इस अजीबो गरीब फरमान की वजह

नैनीताल जिले के शिक्षक अब बच्चों को ही नहीं पढ़ाएंगे वह अब पर्यटन सीजन में पर्यटकों के लगातार बढ़ते दबाव और जिले में पुलिसकर्मियों की कमी की चलते यातायात व्यवस्था को संभालेंगे। जिलाधिकारी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने यह अजीबोगरीब फरमान जारी कर दिया है। हालांकि इस पर राजकीय शिक्षक संघ द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है।

डीईओ बेसिक की ओर से जारी आदेशों के अनुसार पांच शिक्षकों को नैनीताल जिले में ट्रैफिक जाम के निराकरण के लिए नामित किया है। जो शिक्षक सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक ट्रैफिक व्यवस्था संभालेंगे। जिसमें सहायक अध्यापक एलटी दान सिंह बिष्ट, आशीष साह, महिपाल चंद्र, वरिष्ठ सहायक जगदीश सिंह नेगी, कनिष्ठ सहायक अंकित चंद्र शामिल हैं। शुक्रवार को एलटी शिक्षकों व वरिष्ठ सहायकों ने यातायात व्यवस्था संभालने में पुलिस की मदद की।

डीईओ (माध्यमिक) पुष्कर लाल टम्टा ने रूसी बायपास पर ड्यूटी की। डीईओ माध्यमिक पुष्कर टम्टा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।

-डॉ. विवेक पांडे, जिलाध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ ने बताया कि शिक्षकों की यातायात पुलिस में ड्यूटी कतई स्वीकार्य नहीं है। अध्यापकों से सिर्फ अध्यापन का कार्य कराया जाना चाहिए। अन्य जगहों पर शिक्षकों की ड्यटी लगाने के फैसले की हम निंदा करते हैं। ड्यूटी में लगे शिक्षकों को इस संबंध में कोई शिकायत या परेशानी है, तो तत्काल जनपद कार्यकारिणी को सूचित करें, हम तत्काल इसका विरोध करेंगे।

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