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उत्तराखण्ड

यहां तालाबों के खुदान के नाम पर करोड़ों का घोटाला, किच्छा विधायक बेहड़ ने की डीएम से जांच की मांग

सरकारी तालाब के खुदान का नाम पर जिले में बड़ा घोटाला हुआ है। किच्छा के लालपुर में घोटाले की परतें खुलने के बाद अब विधायक और पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने जिले में अन्य स्थानों पर हुए तालाबों के खुदान की जांच की मांग की है। बेहड़ ने इस मामले में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है।

आपको बता दें कि किच्छा के ग्राम महाराजपुर (लालपुर) के समीप राजस्व ग्राम श्रीपुर में एक तालाब खुदान का कार्य चल रहा था। सरकारी दस्तावेजो के अनुसार NHAI के नाम से यह खुदान कराया जा रहा था, जिसका रायल्टी चार्ज लगभग 2 लाख रुपये से भी कम जमा कराया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत 1000 घन मीटर के क्षेत्रफल पर खुदान की परमिशन ली गयी थी, लेकिन इसकी आड़ में 20 गुना खुदान कर दिया गया था। सरकारी प्रोटोकाल की धज्जिया उड़ाते हुए माफियाओं द्वारा अवैध रूप से लगभग 40 लाख रूपये की मिटटी निकालकर बाजार में बेचीं गयी तथा तालाब के साथ में एक नदी से भी अवैध रूप से रेता निकाला गया और सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का चूना लगा दिया गया।

किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने इस मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराया तो जांच हुई और 12 लाख का जुर्माना भर लगाकर इतिश्री कर ली गई। धरती का सीना छलनी करने वालों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज नहीं हुआ। इसी प्रकार किच्छा के अनेकों गाँव देवरिया, पक्की खमरिया, मलसी, कुर्रेया, भंगा, छिनकी, सैंजना, रायपुर जैसे अनेकों स्थान पर अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी तालाब खोदें गए हैं और इसके जरिए करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है।

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सरकारी मानकों की पूर्णरूप से अनदेखी की गयी है तथा सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगाया गया है। इस पूरे प्रकरण में गल्फार कम्पनी तथा NHAI के अधिकारियों के मिले होने की भी संभावना है। किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने इस मामले में जिलाधिकारी से मुलाकात कर इन तालाबों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इस घोटाले के पीछे के चेहरे भी बेनकाब होने चाहिए

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