उत्तराखण्ड
हल्द्वानी में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित, सनातन संस्कृति व सामाजिक एकता पर हुआ मंथन
पर्वत प्रेरणा संवाददाता/उदयवीर सिंह
हल्द्वानी। सनातन संस्कृति, सनातन धर्म एवं सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सर्व हिन्दू समाज, हल्द्वानी द्वारा विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू जागरण को नई दिशा एवं ऊर्जा प्रदान करना है, जिससे समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना तथा सनातन मूल्यों के प्रति जागरूकता को और अधिक मजबूत किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान सनातन परंपराओं, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन के मुख्य संयोजक श्री गोपाल दत्त भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज को संगठित रहकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने एवं सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। वहीं संयोजक श्री मुकेश गुप्ता ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। अपराह्न में उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई। आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न समितियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही। सम्मेलन शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर दिनेश गुप्ता, कनव अग्रवाल, वेद प्रकाश अग्रवाल, प्रमोद भट्ट, डा. अनिल अग्रवाल, गणेश पंडित, विक्रम राजपूत, विजय अग्रवाल, गिरीश केसरवानी, गजानन्द गुप्ता, मनोज गुप्ता (पूर्व पार्षद), हरगोविन्द रावत (पार्षद), एस.पी. राठौर, अनूप टण्डन, गुलशन सडाना, प्रेम गुप्ता, अमरजीत सिंह चडडा, वृजेश प्रजापति, किशन उपाध्याय, अजय कुमार अग्रवाल (मुन्ना), हेमन्त भइयू, राजीव अग्रवाल, गोविन्द बगडवाल, मनोज वर्मा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मंच सज्जा, भोजन प्रसाद, सांस्कृतिक, प्रचार-प्रसार एवं स्वागत समितियों के सदस्यों ने व्यवस्थाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। सम्मेलन में प्रेम बेलवाल (पार्षद), तन्मय रावत (पूर्व पार्षद), विजय लक्ष्मी चौहान, अमिता अग्रवाल, रेनू टण्डन, सीमा देवल, नन्दिनी देवल, कुमारी ज्योति देवल सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।









