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उत्तराखण्ड

हल्द्वानी में पुलिस कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, विधायक सुमित हृदयेश ने कहा, निर्दोषों पर फर्जी केस बर्दाश्त नहीं

पर्वत प्रेरणा संवाददाता
हल्द्वानी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं युवाओं के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के मुद्दे को लेकर आज हल्द्वानी में विधायक सुमित हृदयेश ने प्रेस वार्ता कर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रेस वार्ता में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवार के सदस्यों ने संयुक्त रूप से हालिया घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन जिस प्रकार युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार किया गया, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन निष्पक्षता से कार्य करने के बजाय दबाव में काम करता प्रतीत हो रहा है। विधायक ने कहा कि निर्दोष सामाजिक कार्यकर्ताओं को फर्जी मामलों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है।

मदरसन कंपनी में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे धरने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समर्थन में पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता पीयूष जोशी, राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू और छात्र नेता आशीष कबड़वाल के खिलाफ की गई कार्रवाई दमनकारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जनहित के आंदोलनों के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
विधायक ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सभी फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की भी मांग की गई।
प्रेस वार्ता के दौरान हरीश पनेरू और आशीष कबड़वाल ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।
वहीं समाजसेवी पीयूष जोशी की माता पुष्पा जोशी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के साथ मारपीट की गई और उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल चिमवाल ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि निर्दोषों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में महिला कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मधु सांगूड़ी, पूर्व मंत्री सुहैल सिद्दीकी, ब्लॉक अध्यक्ष मोहन बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कथित पुलिस दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए जल्द न्याय की मांग की।

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