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उत्तराखण्ड

पिथौरागढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा: 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दो युवकों की मौत

पिथौरागढ़ जिले के थल-डीडीहाट मार्ग पर सफेद घाटी के पंत्याली के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां एक कार अनियंत्रित होकर 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में दाफिला गांव के दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना शनिवार देर रात हुई, लेकिन इसकी जानकारी रविवार सुबह तब मिली जब एक ग्रामीण ने खाई में गिरी कार और शवों को देखा। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

रातभर परिजन करते रहे इंतजार, सुबह मिली दुखद खबर

शनिवार शाम को दोनों युवक अपनी कार लेकर घूमने निकले थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। परिजनों ने उन्हें फोन करने की कोशिश की, लेकिन नेटवर्क न होने के कारण संपर्क नहीं हो सका। पूरी रात परिवार और ग्रामीण उनकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे एक ग्रामीण जब बकरियां चरा रहा था, तब उसकी नजर खाई में पड़ी कार और शवों पर गई। इसके बाद उसने तुरंत गांव में सूचना दी और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।

मुश्किल भरा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

थल थाने से थाना प्रभारी अंबी राम आर्या के नेतृत्व में पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। खाई अधिक गहरी और दुर्गम होने के कारण राहत अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय युवाओं की मदद से रस्सियों के सहारे नीचे उतरकर पहला शव बाहर निकाला गया, जो लगभग 100 मीटर की गहराई में पड़ा था। उसकी पहचान 30 वर्षीय सुरेंद्र सिंह रावत के रूप में हुई, जो थल के एक पेट्रोल पंप में काम करता था और एक साल पहले ही शादी हुई थी।

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वहीं, दूसरा शव करीब 200 मीटर गहराई में मिला, जिसे निकालने में और अधिक कठिनाई आई। पुलिस और ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद उसे भी रस्सियों के सहारे ऊपर लाया गया। उसकी पहचान 24 वर्षीय सुनील सिंह बोरा के रूप में हुई, जो बांसबगड़ पॉलिटेक्निक कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र था। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरने के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेरीनाग भेज दिया।

हादसे से गांव में शोक, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

इस दुखद हादसे के बाद पूरे दाफिला गांव में मातम पसरा हुआ है। सुरेंद्र सिंह रावत के परिवार में शादी के बाद खुशियों का माहौल था, लेकिन अब उनकी असमय मौत से परिवार सदमे में है। वहीं, सुनील सिंह बोरा के परिजन भी अपने युवा बेटे की मौत से टूट चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क मार्ग बेहद खतरनाक है और पहले भी यहां कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को टाला जा सके।

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