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उत्तराखण्ड

प्रशासन द्वारा राजस्व बकायेदार की जारी सूचना का प्रकाशन करना सोशल मीडिया पत्रकारों के लिए हुआ गुनाह: 24 घंटे के भीतर पत्रकारों की थाने में पेशी से सोशल मीडिया पत्रकारों में आक्रोश

टनकपुर ( चम्पावत )सोशल मीडिया पत्रकारों ने मंगलवार को टनकपुर में बैठक कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, टनकपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रशासन व जिले के एसपी द्वारा संज्ञान ना लिए जाने पर प्रशासनिक खबरों के बहिष्कार की जारी की चेतावनी

आपने अक्सर देखा होगा की वर्तमान में पीड़ितों को भले ही थानों में न्याय के लिए दर दर भटकना पड़ता हो,लेकिन अगर पत्रकारों के खिलाफ कोई मामला आए तो उत्तराखंड पुलिस की चपलता देखते ही बनती है,ऐसा ही ताजा मामला चंपावत जिले के टनकपुर में भी देखने को मिला जहां पर टनकपुर तहसील प्रशासन द्वारा पांच लाख के बकायेदार पर की गई कार्यवाही की सूचना पर पत्रकारों को खबर प्रकाशन करना पुलिस की नजर पर गुनाह हो गया।तहसील प्रशासन के बकायदार(डिफॉल्टर) की दी तहरीर पर टनकपुर कोतवाली के दरोगा महोदय ने सम्मानित पोर्टल के पत्रकारों की थाने में पेशी के आदेश जारी कर दिए।जिसके उपरांत अब सीमांत टनकपुर क्षेत्र में कार्य कर रहे सोशल मीडिया पत्रकारों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भारी आक्रोश है।इस मामले को लेकर मंगलवार को टनकपुर नगर बैठक कर सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर अपना आक्रोश व्यक्त किया।साथ ही टनकपुर एसडीएम आकाश जोशी को ज्ञापन सौंप कर प्रशासन द्वारा जारी सूचना के प्रकाशन पर सोशल मीडिया के पत्रकारों को ही निशाना बनाए जाने पर व उक्त प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित व्यक्ति द्वारा टनकपुर कोतवाली पुलिस को पोर्टल्स पत्रकारों के खिलाफ दी गई तहरीर पर टनकपुर पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर ही संबंधित पत्रकारों की कोतवाली में पेशी लगाए जाने संबंधित तेजी से स्थानीय पत्रकार भी चकित है।

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जबकि उक्त मामला फौजदारी का ना होकर राजस्व से जुड़ा हुआ था लेकिन उसके बावजूद भी पुलिस द्वारा राजस्व के बकायेदार (डिफॉल्टर) की तहरीर पर टनकपुर के पत्रकारों को थाने में बुलवाकर स्पष्टीकरण लिखवाना सोशल मीडिया दे जुड़े पत्रकारों के मनोबल को तोड़ना व राजस्व विभाग के लाखों के बकाएदारों के हौसलों को बुलंद करना प्रतीक हुआ।जबकि प्रशासन द्वारा जारी उक्त सूचना सभी प्रमुख दैनिक अखबारों में भी प्रकाशित हुई थी।लेकिन सिर्फ पोर्टल से जुड़े पत्रकारों को ही निशाना बनाना कहीं ना कहीं एक साजिश की तरह इशारा करता है। जिस पर सोशल मीडिया के पत्रकारों ने रोष व्यक्त किया।

टनकपुर के वरिष्ठ पत्रकार बाबूलाल यादव के नेतृत्व में सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने टनकपुर एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर उक्त मामले में पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा की गई निंदनीय कार्यप्रणाली पर प्रशासन द्वारा अपने स्तर से ठोस कदम उठाने, व जिले के पुलिस अधीक्षक द्वारा उक्त मामले का संज्ञान ले जनपक्षिय पत्रकारिता करने वाले सोशल मीडिया पत्रकारों को प्रशासन की आधिकारिक सूचना को प्रकाशन पर सिर्फ ओर सिर्फ प्रशासन के बड़े बकायेदार की तहरीर पर थाने बुला अपमानित करने करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाही करने की मांग की है।ताकि जनपक्षीय पत्रकारिता कर रहे सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों का मनोबल टूटने ना पाए।

वही टनकपुर के सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी भी जारी की है की अगर प्रशासन द्वारा उक्त मामले पर ठोस पहल व पत्रकारों को अपमानित करने वाली टनकपुर पुलिस के संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही सुनिश्चित नहीं होती होती है तो सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकार प्रशासनिक खबरों का पूर्ण बहिष्कार करने पर मजबूर हो जाएंगे।इसलिए सोशल मीडिया पत्रकारों के सम्मान व हितों के संवर्धन हेतु प्रशासन आवश्यक कार्यवाही करना सुनश्चित करें।

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सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों की बैठक में वरिष्ट पत्रकार बाबू लाल यादव,दीपक फुलेरा,आबिद सिद्दकी,विनोद पाल,शुभम गौड़,पुष्कर आदि शामिल रहे।

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